क्या आप जानते हैं? पुरुषों की दाढ़ी क्यों आती है, महिलाओं की क्यों नहीं?
चेहरे पर उगने वाली दाढ़ी और मूंछ को हम रोजमर्रा की जिंदगी में सामान्य बात मानते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि किशोरावस्था के बाद पुरुषों के चेहरे पर बाल तेजी से क्यों बढ़ने लगते हैं, जबकि महिलाओं में आमतौर पर ऐसा नहीं होता? इसके पीछे शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव की अहम भूमिका होती है।
बचपन में लड़के और लड़कियों के चेहरे पर बालों की स्थिति काफी हद तक एक जैसी होती है। उम्र बढ़ने के साथ जब शरीर किशोरावस्था में प्रवेश करता है, तब हार्मोन का स्तर बदलने लगता है। यही बदलाव शरीर की बनावट, आवाज, मांसपेशियों और बालों के विकास पर भी असर डालता है।
दाढ़ी आने में हार्मोन का क्या रोल है?
पुरुषों में किशोरावस्था के दौरान एण्ड्रोजन हार्मोन, खासकर टेस्टोस्टेरोन, का स्तर बढ़ता है। टेस्टोस्टेरोन शरीर में कई शारीरिक बदलावों के लिए जिम्मेदार होता है। चेहरे पर मौजूद बालों की जड़ों यानी हेयर फॉलिकल्स पर इसका प्रभाव पड़ता है। कुछ लोगों में ये फॉलिकल्स एण्ड्रोजन के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं, जिसके कारण चेहरे के महीन बाल धीरे-धीरे मोटे और गहरे बालों में बदलने लगते हैं।
इसी प्रक्रिया के चलते ऊपरी होंठ, ठुड्डी और गालों के आसपास मूंछ और दाढ़ी दिखाई देने लगती है। कई पुरुषों में छाती, हाथ-पैर और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी बालों की वृद्धि बढ़ जाती है।
महिलाओं में दाढ़ी क्यों नहीं होती?
यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि महिलाओं के शरीर में एण्ड्रोजन हार्मोन होता ही नहीं। महिलाओं के शरीर में भी थोड़ी मात्रा में एण्ड्रोजन बनता है। फर्क मुख्य रूप से हार्मोन के स्तर और शरीर की संवेदनशीलता का होता है।
महिलाओं में एस्ट्रोजन समेत कई दूसरे हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामान्य परिस्थितियों में एण्ड्रोजन का स्तर पुरुषों की तुलना में काफी कम होता है, इसलिए चेहरे के बाल आमतौर पर पुरुषों जैसी मोटी दाढ़ी में विकसित नहीं होते।
हालांकि हर महिला में चेहरे के बालों की मात्रा एक जैसी नहीं होती। आनुवंशिकता, उम्र और हार्मोनल बदलावों के कारण कुछ महिलाओं के चेहरे पर हल्के या अपेक्षाकृत ज्यादा बाल हो सकते हैं।
क्या महिलाओं के चेहरे पर कभी दाढ़ी जैसी ग्रोथ हो सकती है?
हां, कुछ परिस्थितियों में महिलाओं के चेहरे पर मोटे और गहरे बाल सामान्य से ज्यादा बढ़ सकते हैं। इसे हिर्सुटिज्म कहा जाता है। इसके पीछे हार्मोनल असंतुलन, आनुवंशिक कारण या कुछ चिकित्सकीय स्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। ऐसी स्थिति अचानक दिखाई दे या तेजी से बढ़े तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहता है।
इसलिए दाढ़ी आना केवल पुरुष और महिला के बीच का अंतर नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर की हार्मोनल व्यवस्था, आनुवंशिकता और हेयर फॉलिकल्स की संवेदनशीलता का जटिल संबंध काम करता है।
यानी चेहरे पर दिखाई देने वाली दाढ़ी के पीछे भी शरीर के अंदर चल रही हार्मोन की पूरी कहानी छिपी होती है।

