मधुमक्खी के डंक को हल्के में न लें, पहले करें ये काम; सांस फूलने और चेहरे पर सूजन जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
मधुमक्खी का डंक लगना आम तौर पर कुछ समय के दर्द, जलन, लालिमा और सूजन तक सीमित रहता है। लेकिन कुछ लोगों के शरीर में इसका असर गंभीर एलर्जी के रूप में भी सामने आ सकता है। ऐसी स्थिति में देरी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए डंक लगने के बाद शुरुआती उपचार के साथ यह समझना भी जरूरी है कि कब मामला सामान्य नहीं रह गया है।
इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. समीर राठी, कंसल्टेंट, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई के मुताबिक, मधुमक्खी के डंक के साथ उसका वेनम यानी जहर त्वचा में पहुंचता है। इसके बाद शरीर का इम्यून सिस्टम उस पर प्रतिक्रिया करता है। इसी वजह से डंक वाली जगह पर दर्द, जलन, लालिमा, गर्माहट, खुजली और सूजन जैसी शिकायत हो सकती है।
डंक के बाद शरीर में क्यों होती है सूजन?
ज्यादातर मामलों में शरीर की प्रतिक्रिया डंक वाली जगह तक ही रहती है और कुछ घंटों में धीरे-धीरे कम होने लगती है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों में मधुमक्खी के जहर के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया ज्यादा तेज हो सकती है।
ऐसे मामलों में एनाफिलैक्सिस जैसी गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया का खतरा रहता है। सांस लेने में परेशानी या चेहरे पर असामान्य सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य दर्द या सूजन समझकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए।
सबसे पहले सुरक्षित जगह पर पहुंचें
मधुमक्खी के डंक के बाद सबसे पहले उस जगह से दूर हटना जरूरी है, ताकि दोबारा डंक लगने का खतरा न रहे। अगर डंक त्वचा में साफ दिखाई दे रहा है तो उसे सावधानी से हटाया जा सकता है। विशेषज्ञ के मुताबिक, साफ नाखून या किसी पतली और सपाट चीज की मदद से इसे धीरे से खुरचकर निकाला जा सकता है।
डंक निकालने के बाद प्रभावित हिस्से को साबुन और पानी से साफ करना चाहिए। इसके बाद दर्द और सूजन कम करने के लिए ठंडी सिकाई की जा सकती है। हाथ या पैर में डंक लगा है तो उस हिस्से को कुछ समय ऊंचा रखने से भी सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
खुजली होने पर क्या करें?
हल्की खुजली होने पर प्रभावित जगह को बार-बार खुजलाने या रगड़ने से बचना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है। खुजली ज्यादा होने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से उपयुक्त एंटीहिस्टामिन दवा ली जा सकती है।
हालांकि, घरेलू उपचार केवल उन मामलों में किए जाने चाहिए, जहां प्रतिक्रिया डंक वाली जगह तक सीमित हो और कोई गंभीर लक्षण दिखाई न दे।
आंख, मुंह या गले के पास डंक लगे तो सावधानी जरूरी
अगर डंक आंख, मुंह, गले या नाक के आसपास लगा है, डंक निकालना मुश्किल हो रहा है, सांस लेने में परेशानी शुरू हो गई है या चेहरे पर सूजन जैसे एलर्जी के संकेत दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी है।
खास बात यह है कि मधुमक्खी के डंक का असर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए मामूली दर्द और सूजन में प्राथमिक उपचार किया जा सकता है, लेकिन गंभीर एलर्जी के संकेत मिलने पर समय गंवाना ठीक नहीं है।

