क्या आप जानते हैं? एक चम्मच न्यूट्रॉन स्टार का वजन अरबों टन! माउंट एवरेस्ट भी लगेगा हल्का
अंतरिक्ष की दुनिया जितनी खूबसूरत दिखाई देती है, उतनी ही रहस्यमयी भी है। वहां मौजूद कुछ खगोलीय पिंड ऐसे हैं, जिनकी कल्पना करना भी आसान नहीं है। न्यूट्रॉन स्टार यानी न्यूट्रॉन तारा भी ऐसी ही एक हैरान कर देने वाली खगोलीय वस्तु है। इसका आकार किसी बड़े शहर जितना हो सकता है, लेकिन इसका द्रव्यमान किसी विशाल तारे के बराबर होता है।
न्यूट्रॉन स्टार आमतौर पर तब बनता है, जब कोई बेहद भारी तारा अपने जीवन के अंतिम दौर में सुपरनोवा विस्फोट से गुजरता है। विस्फोट के बाद तारे का केंद्र अपने ही गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में तेजी से सिकुड़ जाता है। इस प्रक्रिया में पदार्थ इतनी अधिक मात्रा में दब जाता है कि एक बेहद सघन पिंड तैयार होता है।
एक चम्मच में इतना भारी पदार्थ कैसे?
न्यूट्रॉन स्टार की सबसे चौंकाने वाली खासियत उसका अत्यधिक घनत्व है। वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, इसके पदार्थ का एक छोटा-सा हिस्सा भी पृथ्वी पर लाया जाए तो उसका वजन कल्पना से परे होगा। आम तौर पर लोकप्रिय विज्ञान में कहा जाता है कि एक चम्मच न्यूट्रॉन स्टार पदार्थ का द्रव्यमान अरबों टन के बराबर हो सकता है।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना चाहिए। अलग-अलग वैज्ञानिक स्रोतों में एक चम्मच पदार्थ के द्रव्यमान का अनुमान अलग मिल सकता है, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि चम्मच का वास्तविक आयतन कितना माना गया है और न्यूट्रॉन स्टार के अंदर किस घनत्व वाले पदार्थ की बात की जा रही है। इसलिए इसे एक अनुमान के तौर पर समझना बेहतर है।
माउंट एवरेस्ट से तुलना क्यों होती है?
न्यूट्रॉन स्टार की असाधारण घनत्व को समझाने के लिए कई बार माउंट एवरेस्ट जैसी विशाल चीजों से तुलना की जाती है। इसका मकसद यह बताना है कि बेहद कम जगह में कितना ज्यादा पदार्थ समा सकता है। लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह कहना सही नहीं होगा कि हर स्थिति में एक चम्मच न्यूट्रॉन स्टार का वजन बिल्कुल माउंट एवरेस्ट के बराबर ही होगा।
दरअसल, न्यूट्रॉन स्टार का अधिकांश हिस्सा अत्यधिक दबे हुए न्यूट्रॉन से बना होता है। इसके केंद्र में पदार्थ की अवस्था और संरचना अभी भी वैज्ञानिक शोध का विषय है। यानी अंतरिक्ष में मौजूद यह पिंड हमें पदार्थ की उन परिस्थितियों के बारे में जानकारी देता है, जिन्हें पृथ्वी पर सामान्य परिस्थितियों में पैदा करना संभव नहीं है।
आकार छोटा, गुरुत्वाकर्षण बेहद शक्तिशाली
न्यूट्रॉन स्टार की एक और खासियत उसका आकार है। इसका व्यास आम तौर पर केवल दसियों किलोमीटर के पैमाने पर होता है, जबकि इसका द्रव्यमान सूर्य के आसपास या उससे अधिक हो सकता है। इतनी कम जगह में इतना ज्यादा द्रव्यमान होने के कारण इसकी सतह पर गुरुत्वाकर्षण बेहद शक्तिशाली होता है।
यही वजह है कि न्यूट्रॉन स्टार को ब्रह्मांड की सबसे घनी ज्ञात तारकीय वस्तुओं में गिना जाता है। वैज्ञानिक इनके अध्ययन के जरिए गुरुत्वाकर्षण, परमाणु पदार्थ और तारों के अंतिम चरणों को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं।
सोचिए, जिस पदार्थ की कल्पना एक छोटे चम्मच में की जा सकती है, उसका वजन ही अरबों टन बताया जाता है। यही न्यूट्रॉन स्टार को ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी और रोमांचक पिंडों में शामिल करता है।

